अनेक दिव्य-दिव्य ठाकुर जी की बाल लीलाए है । मेरे प्रभु एक दिन तो अपने बाबा नन्द की गोद में बैठकर भोजन कर रहे है , ये बड़ी मधुर लीला है । अपने बाबा नन्द की गोद में बैठकर ठाकुर ...
में परमात्मा का हूँ परमात्मा मेरे हैl
में परमात्मा का हूँ परमात्मा मेरे हैl