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Showing posts with the label #रामशुखदासजी

परहित।

     प्रश्न-परहित का भाव होने में बाधा क्या है ?      उत्तर-व्यक्तिगत स्वार्थ ही बाधक है । वास्तव में व्यक्तिगत स्वार्थ का भाव रखने से स्वार्थ सिद्ध नहीं होता, पर सबके हित का ...