हरिबाबा जी से एक भक्त ने कहाः "महाराज ! यह अभागा, पापी मन रूपये पैसों के लिए तो रोता पिटता है लेकिन भगवान हमारे सर्वस्व हैं परम प्रियतम हैं, फिर भी आज तक उनसे मिले नहीं, इसके लिए ...
में परमात्मा का हूँ परमात्मा मेरे हैl
में परमात्मा का हूँ परमात्मा मेरे हैl