मैं न होता तो क्या होता ? पर हनुमान जी कहते है - प्रभो, यदि मैं लंका न जाता, तो मेरे जीवन में बड़ी कमी रह जाती। विभीषण का घर जब तक मैंने नही देखा था, तब तक मुझे लगता था, कि लंका में भल...
में परमात्मा का हूँ परमात्मा मेरे हैl
में परमात्मा का हूँ परमात्मा मेरे हैl