श्री राम लक्ष्मण व सीता सहित चित्रकूट पर्वत की ओर जा रहे थे ! राह बहुत पथरीली और कंटीली थी ! सहसा श्री राम के चरणों में एक कांटा चुभ गया ! . फलस्वरूप वह रूष्ट या क्रोधित नहीं हुए, ...
में परमात्मा का हूँ परमात्मा मेरे हैl
में परमात्मा का हूँ परमात्मा मेरे हैl